
पहले मैं अपने परिवार के बारे बताता हूँ। मैं अपने माँ-बाप का इकलौता बेटा हूँ। मेरे माँ-बाप के छोटे से गाँव में रहते हैं। गाँव की आबादी चार-पाँच सौ होगी। मेरे पिता बिलकुल अनपढ़ थे पर मेरी माँ ने बारहवीं पढ़ी थी। इसलिए मेरे पिता का सपना था कि मैं पढ़-लिख कर बड़ा अफसर बनूँ।
मेरे पिता का एक खेत है जिस पर हम सब्जियों की फसल बोते थे और उन्हें अपनी ही दुकान पर बेचते। मेरे परिवार की हालत अच्छी थी। घर की सब्जियाँ होने कारण मुनाफा भी अच्छा था और सबसे पहले हमारी सब्जियाँ खत्म हो जाया करती थीं। मैं भी पढ़ाई में अच्छा था।






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